महबूबा की मम्मी

शम्मी कपूर जब ऐंठ-ऐंठ कर गाते, “तारीफ करूँ क्या उसकी जिसने तुम्हें बनाया”, शर्मिला टैगोर भी शरमा जाती. मसलन शम्मी जी तारीफ उनकी नहीं, उनको बनाने वाले की कर रहे थे. शर्मिला जी की माँ की शायद. जब शम्मी जी को ये अहसास हुआ तो “या हू” और “तुम से अच्छा कौन है?” गाने लगे. 

मुहल्ले की लड़कियाँ मेरी प्रतिभा समझे न समझे, निहारे न निहारे, मम्मियाँ जरूर निहारती. झा साहब का लड़का पढ़ता अच्छा है, सुना है डाक्टर बनेगा. अपनी पिंकी के लिए कैसा रहेगा? 

कभी बुलाकर पूछताछ भी करती. हम भी खूब टशन झाड़ते. अक्सर माँओं को प्रभावित मतलब ‘इम्प्रेस’ करना आसान था. बाकी, पिंकी को देखकर तो साँप सूंघ जाता. कम्फर्ट-जोन तो बस आंटी के साथ था, जो मुझे आदर्श दामाद की नजर से देखती. मेरा सर झुका कर, शर्मा कर भोलेपन से बातें करना पसंद आता. पिंकी तो बिल्कुल चमनलाल ही समझती.

वैसे जब दरभंगा से पुणे और दिल्ली सरीखे शहर पहुँचा, तो मम्मियाँ भी बदल गई. शक की नजर से देखती. उन्हें पक्का भरोसा होता कि मेरी नजर उनकी बेटी पर है. मेरा भोलापन धोखा है. बकवास है. यहाँ मामला उल्टा था. पिंकी को संभालना आसान और उनकी माँओं की पैनी नजरों से बचना कठिन था.

क्या पढ़ते हो? कितना कमा लोगे? बड़ी मशक्कत है डॉक्टरी में. बुढ़ापे तक पढ़ते रहो बस. पिंकी को तो आई.आई.एम. वालों के रिश्ते आ रहे हैं. आत्म-विश्वास को झटके देती, क्रूर नजरों से घूरती, पिंकी के कान और भरती. पर मैंनें भी कच्ची गोलियाँ नहीं खेली थी.

अपना समय ५०-५० % पिंकी और पिंकी की मम्मी दोनों में बाँट दिया. एक के लिये गुलाब तो दूजे के लिए पुरानी गली से सस्ते आटे. कर्म करता गया, फल की चिंता नहीं की. तभी शायद फल मिला भी नहीं. पिंकी की माँ की आशायें बढ़ती गई और मेरी आटा ढोने की हिम्मत घटती गई.

मध्यवर्ग से उच्चवर्ग में पिंकी भी बदली और मम्मी भी. अब तो चाय क्या, दो-पेग शराब भी नसीब होती. जो मरजी पिंकी की, वही मरजी मम्मीजी की. दोस्ती पे पाबंदी नहीं, शक नहीं. स्वच्छंद पिंकी. स्वच्छंद मम्मी. 

जब चाय पे बुलाया, मैं ही गलत समझ बैठा. न पिंकी शादी को तैयार, न मम्मीजी. मुँह उठा के वापस लौट आया.

अब राजेश खन्ना जी ने गाना ही गलत गाया, “शायद मेरी शादी का ख्याल….”

#happymothersday

5 thoughts on “महबूबा की मम्मी

  1. Ha ha ha bhaai vama ji.aaj to aapne khoob hansaya aur mummy aur betion( aaj ki) ka asli chehara dikh diya.vese aapko-happy mother’s day.

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